Tuesday, May 25, 2021

बहमनी साम्राज्य|| bahmani samrajya

 

बहमनी साम्राज्य

·        मुहम्मदबिन तुगलक  के शासन काल मे बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 ई को हुई थी ।   

·        बहमनी साम्राज्य की स्थापना  हसनगंगू के द्वारा की गई थी ।

·        हसनगंगू बहमनी साम्राज्य की गद्दी पर अलाउद्दीन हसन बहमन शाह के नाम से बेठा  था ।

·        हसनगंगू ने अपनी राजधानी गुलबर्गा को बनाई थी ।

·        बहमनी साम्राज्य की राजभाषा मराठी थी ।

 


 

बहमनी साम्राज्य को अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने चार प्रांतों मे बाँटा था:-

1.  दौलताबाद

2.  गुलबर्गा

3.  बरार

4.  बीदर

11 फरवरी 1358 ई को अलाउद्दीन हसन बहमन शाह(हसनगंगू ) की मृत्यु हो गई ।

 

·        मुहम्मदशाह , अलाउद्दीन हसन बहमन शाह  (हसनगंगू ) का उत्तराधिकारी था   

·        अलाउद्दीन हसन बहमन शाह की मृत्यु के बाद  मुहम्मद शाह गद्दी पर बेठा ।

·        मुहम्मद शाह ने ही पहली बार बारूद का प्रयोग किया था ( बुक्का के विरुद्ध )।

 

ताज उद्दीन  फिरोज  ने भीम नदी के तट पर फीरोजाबाद की स्थापना की थी ।

ताज उद्दीन फिरोज के समय मे ही  रूसी यात्री निकितन 1417 ई मे बहमनी साम्राज्य यात्रा के लिए आया था  

 

शिहाबुद्दीन ने बहमनी साम्राज्य की राजधानी गुलबर्गा से बदल कर

बीदर कर दी थी ।

 

बहमनी साम्राज्य का अंतिम शासक  कलीम उल्लाह था , इसकी मृत्यु के बाद बहमनी सम्राज्य  पंच राज्यों मे बाँट गया ।

 

1.  अहमद नगर

2.  बीजापुर

3.  बीदर

4.  बरार

5.  गोलकुंडा

बहमनी साम्राज्य

·        मुहम्मदबिन तुगलक  के शासन काल मे बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 ई को हुई थी ।   

·        बहमनी साम्राज्य की स्थापना  हसनगंगू के द्वारा की गई थी ।

·        हसनगंगू बहमनी साम्राज्य की गद्दी पर अलाउद्दीन हसन बहमन शाह के नाम से बेठा  था ।

·        हसनगंगू ने अपनी राजधानी गुलबर्गा को बनाई थी ।

·        बहमनी साम्राज्य की राजभाषा मराठी थी ।

 

 

बहमनी साम्राज्य को अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने चार प्रांतों मे बाँटा था:-

1.  दौलताबाद

2.  गुलबर्गा

3.  बरार

4.  बीदर

11 फरवरी 1358 ई को अलाउद्दीन हसन बहमन शाह(हसनगंगू ) की मृत्यु हो गई ।

 

·        मुहम्मदशाह , अलाउद्दीन हसन बहमन शाह  (हसनगंगू ) का उत्तराधिकारी था  । 

·        अलाउद्दीन हसन बहमन शाह की मृत्यु के बाद  मुहम्मद शाह गद्दी पर बेठा ।

·        मुहम्मद शाह ने ही पहली बार बारूद का प्रयोग किया था ( बुक्का के विरुद्ध )।

 

ताज उद्दीन  फिरोज  ने भीम नदी के तट पर फीरोजाबाद की स्थापना की थी ।

ताज उद्दीन फिरोज के समय मे ही  रूसी यात्री निकितन 1417 ई मे बहमनी साम्राज्य यात्रा के लिए आया था  ।

 

शिहाबुद्दीन ने बहमनी साम्राज्य की राजधानी गुलबर्गा से बदल कर

बीदर कर दी थी ।

 

बहमनी साम्राज्य का अंतिम शासक  कलीम उल्लाह था , इसकी मृत्यु के बाद बहमनी सम्राज्य  पंच राज्यों मे बाँट गया ।

 

1.  अहमद नगर.            


2.  बीजापुर

3.  बीदर

4.  बरार

5.  गोलकुंडा

 

वर्ष            राज्य            संस्थापक                             वंश

1489 ई      बीजापुर      यूसुफदिल शाह               आदिलशाही

1490 ई      अहमदनगर   मालिक अहमद               निजाम शाही

1490 ई       बरार          फतेहउल्लाह इमद शाह      इमादशाही

1512 ई     गोलकुंडा        कुलीकुतुबशाह               कुतुबशाही

1525 ई      बीदर         आमिर अली बीदर            बिदरशाही   

 

  

 

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विजयनगर साम्राज्य - vijaynagar dynasty - itsdpktym vijya nagar samrajya

 

विजयनगर साम्राज्य

विजय नगर साम्राज्य की स्थापना   हरिहर और बुक्का ने - विद्यानंद की आशीर्वाद से 1336 ई को की थी ।

हरिहर और बुक्का उससे पहले काकतीय नरेश  -प्रताप रुद्रदेव  के सामंत थे ।

विजय नगर की राजधानी- हम्पी थी ।

विजय नगर की राज्य भाषा - तेलुगु थी ।

विजय नगर का शाब्दिक अर्थ है:- जीत का शहर ।

 


 

विजय नगर साम्राज्य में निम्न वंशों ने  शाशन किया :-

1.   संगम वंश

2.   सालूब वंश

3.   तुलूब वंश

4.   अराविडु वंश  

 

संगम वंश

संगम वंश की स्थापना हरिहर और बुक्का ने किया था , इस वंश का नाम उनके पिता संगम के नाम पर रखा गया था ।

संगम वंश के निम्न शासक रहे है :- 1. हरिहर

2. बुक्का प्रथम

3. हरिहर द्वितीय

4. देवराय प्रथम

5.देवराय द्वितीय

6. मल्लिकार्जुन

7. विरूपाक्ष

 

बुक्का प्रथम :- बुक्का प्रथम ने वेदमार्ग प्रतिस्थापक की उपाधि धरण की थी ।

हरिहर द्वितीय :- हरिहर द्वितीय संगम वंश का पहला शासक था जिसने महाधिराज की उपाधि की थी ।  

देवराय प्रथम :-     देवराय प्रथम ने तुंगभद्रा नदी पर बांध बनवाया । ताकि नहरों को शहरों तक ले जाया   जा  सके ।

·         हरिद्रा नदी पर भी  बांध बनवाया था ।

·         इन्ही के कार्यकाल मे इटली के यात्री निकोलो कॉन्टी  विजयनगर यात्रा पर आए थे ।

 

 

विजयनगर साम्राज्य

देवराय द्वितीय :- देवराय द्वितीय संगम वंश के सबसे प्रतापी राजा  थे ।

·         इन्होंने अपनी सेना मे 2000 मुस्लिम सेना को सामील किया था एवं उनको जगिरे भी दी थी ।

·         उपाधि :   इमड़िदेवराय एवं गजबेटकर की उपाधि मिली थी । गजबेटकर का अर्थ होता है हाथियों का शिकार करने वाला ।

·          इनके शासन काल  मे  फारशी यात्री अब्दुल रज्जाक विजयनगर आया था ।

·         देवराय द्वितीय ने संस्कृत ग्रंथ महानाटक सुधानिधि एवं ब्रह्मपुत्र पर माहभासीय  लिखा था ।

मल्लिकार्जुन :-   प्रोढ़  देवराय की उपाधि धरण की थी ।

विरूपाक्ष :-  संगम वंश का अंतिम शासक था।

 

 

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