Sunday, July 4, 2021

अनुराग मेरे तू अब जाग।।Anurag mere tu abb jaag - itsdpktym

 अनुराग मेरे तू अब जाग 

क्यों पीछे हो तुम आगे आगे भाग

 थोड़ी नहीं बहुत आगे तुझे जाना है 

सपने बड़े हैं तेरे और तुझे उसको पाना है।

अनुराग मेरे तू अब जाग क्यों पीछे हो तुम आगे आगे भाग।



ठिकाना बेशक बड़ा है तुम्हारा ठोर तुम्हें जमाना होगा 

मत सोच पीछे कि तुझे बस आगे जाना होगा।।

मंजिल है धुंधली सी तो क्या हुआ,

मंजिल से भी आगे तुझे जाना होगा

बढ़ता चल तू कछुए की चाल

कुछ दूर ही आगे पैरों तले तुम्हारे यह जमाना होगा।।

अनुराग मेरे तू अब जाग क्यों पीछे पीछे हो तुम आगे आगे भाग।।

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